Antyodaya Diwas 2022 : जानिए क्यो मनाया जाता है Antyodaya Diwas in Hindi के बारे में

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका Hindiwavs में, आज के इस लेख में हम आपको Antyodaya Diwas 2022(अंत्योदय दिवस) के बारे में जानकारी देने वाले हैं। गरीबों के उत्थान पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर अंत्योदय दिवस मनाया जाता है। लेकिन क्या आप Antyodaya meaning in Hindi के बारे में जानते हैं।

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अंत्योदय का हिंदी अर्थ समाज के पिछड़े आर्थिक रूप से कमजोर दबे कुचले लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना होता है। आज पूरे भारत में कई प्रकार के अंत्योदय योजनाएं केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही हैं जिसके द्वारा समाज के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को विकास की ओर ले जाया जा रहा है।

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय एक कुशल साहित्यकार ,नेता और गरीबों के पथ प्रदर्शक रहे हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय नहीं अंत्योदय का नारा दिया था आइए अब हम Antyodaya Diwas in Hindi से जुड़ी सभी जानकारियां Antyodaya Diwas 2022 क्यों मनाया जाता है के बारे में जान लेते हैं। यदि आप भी अंत्योदय दिवस से जुड़ी सभी जानकारियों के बारे में जानना चाहते हैं तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़िए।

अंत्योदय दिवस क्यों मनाया जाता है

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि अंत्योदय दिवस 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मनाया जाता है इसकी शुरुआत भारत सरकार द्वारा साल 2014 में 25 सितंबर को की गई थी। यानी कि पहली बार अंत्योदय दिवस 25 सितंबर 2014 को मनाया गया तब से लेकर आज तक अंत्योदय दिवस मनाया जाता है और इस वर्ष भी यानी Antyodaya Diwas 2022, 25 सितंबर को मनाया जाएगा।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय हमेशा कहते थे कि कोई भी व्यक्ति या देश अपनी जड़ों से कटकर कभी बड़ा नहीं बन सकता यानी विकास नहीं कर सकता। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी में एक कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ एक साहित्यकार, पत्रकार, लेखक ,समाज सेवक जैसी अनेकों प्रतिभाएं विद्यमान थी। भारत में पिछड़े वर्ग के उत्थान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अहम भूमिका रही है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बारे में 

पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितंबर 1916 को उत्तर प्रदेश के मथुरा के नगला चंद्रभान में हुआ था। इनका बचपन काफी संघर्षों में बीता है इन्होंने हर कदम पर नई-नई कठिनाइयों का सामना किया है लेकिन अपने लक्ष्य से कभी डगमगाए नहीं लगातार आगे बढ़ते गए। देश और समाज को विकास के नए पथ पर अग्रसर करके 11 फरवरी 1968 को ये काल के गाल में समा गए मतलब इनका निधन हो गया।

इन्हीं के जन्म को यादगार बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा अंत्योदय दिवस मनाए जाने की घोषणा की थी और इस वर्ष भी Antyodaya Diwas 2022 बेहद धूमधाम से मनाया जाएगा और सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष अंत्योदय दिवस पर नई नई दलित वर्गों के लिए योजनाएं चलाई जाती हैं।

निष्कर्ष –

दोस्तों आज के इस लेख में हमने आपको Antyodaya Diwas 2022 के बारे में पूरी जानकारी दी जिसमें हमने Antyodaya Diwas in Hindi का भी जिक्र किया। उम्मीद करता हूं कि आपको अंत्योदय दिवस से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारियां मिल गई होंगी यदि यह लेख आपको पसंद आया है तो इसे अपने मित्रों और रिश्तेदारों के साथ जरूर शेयर करें जिससे उन्हें भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के इस अहम योगदान के बारे में जानकारी हो सके।

F.A.Q

Q.अंत्योदय दिवस कब मनाया जाता है?

Ans. अंत्योदय दिवस प्रत्येक वर्ष 25 सितंबर को मनाया जाता है।

Q.अंत्योदय का अर्थ क्या है?

Ans. अंत्योदय का अर्थ समाज के पिछड़े आर्थिक रूप से कमजोर ,दबे कुचले लोगों का उत्थान करना है।

Q.अंत्योदय क्या होता है?

Ans. अंत्योदय एक नारा है जो कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा दिया गया था।